Baba Ramdev's major statement: Speaking on the rising hatred in politics, he says dialogue and respect are essential.
हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव ने देश की राजनीति में बढ़ती कटुता को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष जिस तरह एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े दिखाई देते हैं, उससे ऐसा लगता है जैसे India-Pakistan आमने-सामने हों। रामदेव ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच इस तरह की तल्खी का गलत संदेश देश की जनता तक पहुंचता है।
उन्होंने सत्ता पक्ष को सलाह देते हुए कहा कि सरकार को विपक्ष के साथ प्रेम, संवाद और सम्मान का व्यवहार करना चाहिए। उनके मुताबिक लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक या जातीय आधार पर नफरत का माहौल बनना देश के लिए सही नहीं है।
सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी बोले रामदेव
बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरी के लिए होने वाले इंटरव्यू में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती हैं और पैसे लेकर नौकरी देने के आरोप भी लगाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए अभी भी समय है। अगर Government Recruitment System में कथित घपले और अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में युवाओं के और आंदोलन देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार की समस्या को नजरअंदाज किया गया तो उन्हें भी दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
जाति और विचारधारा के आधार पर नौकरी देना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले रामदेव ने कहा कि जाति, वर्ग, समुदाय या विचारधारा के आधार पर कुछ लोगों को नौकरी देना और बाकी लोगों को अवसर से वंचित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में Satyamev Jayate की बात होती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी नौकरियों में पैसे लेकर नियुक्ति के आरोप सामने आते हैं। उनके मुताबिक यदि देश में लगातार आंदोलन होते रहेंगे तो विकास और व्यवस्था दोनों प्रभावित होंगे।
आंदोलन का समर्थन नहीं, लेकिन घोटालों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता
बाबा रामदेव ने कहा कि वह आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन नहीं करते, लेकिन देश में सामने आने वाली कथित अनियमितताओं और घोटालों को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं है।
झारखंड में छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने Education System और सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगह स्कूलों में शिक्षक, किताबें, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। वहीं जहां सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां भी Paper Leak और Cheating जैसे मामले सामने आने की शिकायतें रहती हैं।
‘बीड़ी-सिगरेट पीना आजादी नहीं’
रामदेव ने Gen Z Protest में शामिल युवाओं को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आजादी का अर्थ मनमाने तरीके से कोई भी गतिविधि करना नहीं है। उन्होंने बीड़ी-सिगरेट पीने जैसी गतिविधियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे स्वतंत्रता का सही अर्थ नहीं माना जा सकता।
कार्यक्रम के दौरान पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण सहित बड़ी संख्या में साधक मौजूद रहे।