The very claim Ishaq Dar extolled in Parliament has been exposed as a lie by the Pakistani media itself.
Pakistan Fake News: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान पाकिस्तानी सोशल मीडिया और मीडिया के एक हिस्से में भारतीय हमलों को लेकर कई तरह के दावे किए गए। इसी क्रम में ब्रिटिश अखबार The Telegraph के नाम से एक कथित Newspaper Cutting सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें पाकिस्तान एयरफोर्स को लेकर बड़ा दावा किया गया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी इस कथित खबर का संसद में हवाला दिया और पाकिस्तानी वायुसेना की तारीफ की। हालांकि, बाद में पाकिस्तान के ही प्रमुख अखबार Dawn के Fact Check में यह दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया।
वायरल Newspaper Cutting ने फैलाया भ्रम
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था। भारत की ओर से पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर Air Strikes किए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की कोशिशें हुईं। इस दौरान मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमले की कोशिश किए जाने के दावे सामने आए, जिन्हें भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम करने की बात कही।
इसी बीच पाकिस्तान में एक कथित The Telegraph Newspaper Cutting तेजी से वायरल हुई। इसमें दावा किया गया कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने हवाई संघर्ष में बड़ी सफलता हासिल की है और वह आसमान पर अपना दबदबा कायम करने में सफल रही। सोशल मीडिया पर वायरल इस कथित रिपोर्ट को पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर शेयर किया गया।
इशाक डार ने संसद में किया फर्जी खबर का हवाला
वायरल कटिंग को लेकर उस समय मामला और गंभीर हो गया जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने संसद में इसका जिक्र किया। उन्होंने कथित रिपोर्ट के आधार पर पाकिस्तान एयरफोर्स की उपलब्धियों को पेश किया और इसे पाकिस्तान की सैन्य सफलता से जोड़कर बताया।
लेकिन कुछ समय बाद इसी दावे की जांच पाकिस्तान के प्रमुख अखबार Dawn Fact Check ने की। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही The Telegraph की कथित Front Page Cutting असली नहीं थी। यानी जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर पाकिस्तान में अपनी सैन्य ताकत का प्रचार किया जा रहा था, वह वास्तव में Fake News थी।
Fact Check में सामने आईं कई बड़ी खामियां
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि वायरल कटिंग को 10 मई के अखबार का हिस्सा बताया जा रहा था, लेकिन उस तारीख को The Telegraph के वास्तविक फ्रंट पेज पर भारत या पाकिस्तान को लेकर ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं हुई थी।
इसके अलावा वायरल तस्वीर में कई ऐसी Spelling Mistakes और डिजाइन संबंधी खामियां भी थीं, जो उसके फर्जी होने की ओर इशारा करती थीं। इस तरह एक कथित विदेशी मीडिया रिपोर्ट को वास्तविक बताकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया और फिर उसे पाकिस्तान की राजनीतिक बयानबाजी में भी इस्तेमाल किया गया।
पाकिस्तानी मीडिया के Fact Check के सामने आने के बाद इस दावे की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हो गए। जिस कथित रिपोर्ट के आधार पर Pakistan Air Force की तारीफ की गई थी, वह असली अखबार की रिपोर्ट ही नहीं निकली।
Udhampur Airbase को लेकर भी वायरल हुआ Fake Video
इसी दौरान भारत के खिलाफ एक और दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया गया। इसमें कहा गया कि पाकिस्तान ने Udhampur Airbase को निशाना बनाकर उसे तबाह कर दिया है। इस दावे के साथ एक वीडियो भी शेयर किया गया, जिसमें आग और धुएं का दृश्य दिखाई दे रहा था।
हालांकि, Fact Check में यह दावा भी गलत पाया गया। वायरल वीडियो का संबंध उधमपुर एयरबेस से नहीं था। जांच में पता चला कि वीडियो राजस्थान के Hanumangarh में एक Chemical Factory में लगी आग का था। यानी एक अलग घटना के पुराने या असंबंधित वीडियो को भारत के सैन्य ठिकाने पर हमले से जोड़कर पेश किया गया।
Pakistan Propaganda पर फिर उठे सवाल
इन घटनाओं ने भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे War Propaganda और Fake News को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। किसी विदेशी अखबार की फर्जी कटिंग या किसी असंबंधित वीडियो को सैन्य कार्रवाई से जोड़कर पेश करना लोगों के बीच गलत सूचना फैलाने का माध्यम बन सकता है।
खास बात यह है कि इस मामले में वायरल दावे की पोल भारत की ओर से ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अपने मीडिया के Fact Check से खुली। इससे यह साफ हुआ कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे को बिना जांचे सही मान लेना कितना भ्रामक हो सकता है।