Offerings stolen under the guise of VIP darshan! SIT nabs third accused in Badrinath case.
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में SIT Action तेज हो गया है। जांच टीम ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह इस केस में तीसरी गिरफ्तारी है। आरोप है कि आरोपी VIP दर्शन कराने के नाम पर श्रद्धालुओं से मिलने वाली दान की रकम और अन्य चढ़ावा सामग्री अपने पास रख लेता था। जांच के दौरान सामने आई CCTV Footage के आधार पर SIT ने आरोपी तक पहुंच बनाई।
CCTV फुटेज से सामने आया आरोपी का कारनामा
SIT के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है। जांच टीम ने 25 और 29 जून की CCTV फुटेज खंगाली थी। फुटेज में आरोपी कथित तौर पर मंदिर में मिलने वाली दान सामग्री को अपनी जेब में रखते हुए नजर आया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी श्रद्धालुओं को VIP Darshan कराने के नाम पर चढ़ावे की रकम अपने पास रखता था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
जल विद्युत परियोजना में Security Guard था आरोपी
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी मनोज कुमार JP Power Ventures Limited की लामबगड़ जल विद्युत परियोजना में सुरक्षा कर्मी के तौर पर काम करता था। SIT अब आरोपी से पूछताछ कर चोरी की सामग्री और इस पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले इस वारदात को अंजाम देता था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे।
आरोपी के कमरे से Jewellery और Cash बरामद
SIT ने आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी कर कई अहम सामान बरामद किए हैं। तलाशी के दौरान चांदी और दूसरी धातुओं से बने आभूषण, सिक्के, प्रतिमा, कंगन, ब्रेसलेट और दंड समेत कई वस्तुएं मिलीं।
इसके अलावा चोरी की सामग्री बेचकर हासिल की गई करीब 6 हजार रुपये की Cash भी बरामद की गई है। बरामद सामान को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
मामले में पहले भी हो चुकी हैं दो गिरफ्तारियां
बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में SIT की कार्रवाई लगातार जारी है। इस केस में आरोपी मनोज कुमार से पहले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र चौहान के नाम शामिल हैं।
तीसरी गिरफ्तारी के बाद जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
SIT की जांच में सामने आ सकते हैं और राज
Badrinath Temple Donation Theft Case में CCTV फुटेज, बरामद सामान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर SIT जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच टीम अब चोरी की सामग्री के स्रोत, उसे ठिकाने लगाने और VIP दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से कथित तौर पर रकम लेने से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती है।
मामले में आगे और गिरफ्तारियां होती हैं या नहीं, यह SIT की आगामी जांच और पूछताछ के बाद स्पष्ट होगा।