Air India Turbulence: Plane dropped 300 feet; major update on pilot's DoP test; DGCA probe underway.
Air India Turbulence: फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट में अचानक आए तेज Air Turbulence के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि फ्लाइट के एक पायलट का Dop Test Positive आया है। हालांकि, एयर इंडिया ने इस रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन का कहना है कि फ्लाइट के बाद नियमों के तहत पायलटों का टेस्ट कराया गया था, लेकिन इसकी रिपोर्ट अभी उसके साथ साझा नहीं की गई है।
घटना के बाद दोनों पायलटों समेत पूरे Flight Crew को जांच पूरी होने तक उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। वहीं, DGCA Investigation में टर्बुलेंस के दौरान विमान के संचालन से लेकर संभावित तकनीकी कारणों तक कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
Air India की फ्लाइट में अचानक आया तेज Turbulence
मंगलवार को Air India Flight AI2379 फुकेट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। विमान में करीब 145 यात्री सवार थे। ओडिशा के आसपास उड़ान के दौरान विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। इस दौरान विमान की ऊंचाई में करीब 300 फीट की अचानक गिरावट दर्ज होने की बात सामने आई है।
अचानक हुए इस In-flight Turbulence के चलते कई यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हो गए। दिल्ली पहुंचने के बाद 13 यात्रियों और चार क्रू सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Pilot के Dop Test को लेकर क्या है मामला?
घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट के एक पायलट का Dop Test Positive पाया गया है। इसके बाद उसे उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया। हालांकि, यह जानकारी अभी सूत्रों पर आधारित है।
एयर इंडिया ने पायलट के टेस्ट का नतीजा Confirm नहीं किया है। एयरलाइन के अनुसार, नियमानुसार फ्लाइट के बाद पायलटों का टेस्ट किया गया था, लेकिन संबंधित रिपोर्ट अभी एयरलाइन को प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में एयरलाइन ने टेस्ट के नतीजे पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
इसलिए आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने तक पायलट के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने की बात को केवल Unverified Claim के तौर पर देखा जा रहा है।
Air India ने Drug Testing पर क्या कहा?
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वह लागू Aviation Safety Regulations के तहत अपने क्रू मेंबर्स का नियमित Drug Test कराती है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इस मामले की जांच कर रहे संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगी।
फिलहाल जांच पूरी होने तक संबंधित फ्लाइट के दोनों पायलटों और पूरे क्रू को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।
DGCA कई एंगल से कर रहा मामले की जांच
घटना की जांच Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की ओर से की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि टर्बुलेंस के दौरान विमान को पायलटों ने किस तरह संभाला और क्या सभी Standard Operating Procedures (SOPs) का पालन किया गया था।
इसके अलावा जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि टर्बुलेंस के पीछे मौसम संबंधी परिस्थितियां थीं या कोई अन्य कारण। विमान की अचानक ऊंचाई कम होने के दौरान किसी तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
Hydraulic System में खराबी की भी होगी जांच
जांच में विमान के संभावित Technical Failure की भी पड़ताल की जा रही है। विशेष रूप से यह देखा जा रहा है कि अचानक ऊंचाई कम होने की घटना के दौरान विमान के Hydraulic System या किसी अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम में कोई खराबी तो नहीं आई थी।
इसके अलावा जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि गंभीर Turbulence के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना उचित निर्णय था या उसे किसी नजदीकी एयरपोर्ट, जैसे वाराणसी या लखनऊ में उतारा जाना चाहिए था।
13 यात्रियों और 4 Crew Members को कराया गया भर्ती
दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों को तत्काल Medical Assistance दी गई। कुल 13 यात्रियों और चार क्रू मेंबर्स को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद Flight Safety को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, DGCA की विस्तृत जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टर्बुलेंस के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और इसके लिए कौन से कारक जिम्मेदार थे।
Positive Drug Test पर क्या हैं नियम?
DGCA के नियमों के मुताबिक, यदि कोई पायलट पहली बार नशीले या Psychoactive Substances के सेवन से जुड़े टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे निर्धारित De-addiction and Rehabilitation Process से गुजरना पड़ सकता है।
इसके बाद दोबारा टेस्ट में नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही उसे उड़ान ड्यूटी पर लौटने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पायलट की रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए जांच और अधिकृत रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।