8वें दिन कितना घटा Sonam Wangchuk का वजन? सामने आया नया Health Bulletin

दिल्ली के Jantar Mantar पर चल रही Sonam Wangchuk Hunger Strike का रविवार को आठवां दिन रहा। डॉक्टरों की ओर से जारी ताजा Health Bulletin के मुताबिक, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक का वजन अब तक करीब 6 किलोग्राम कम हो चुका है। फिलहाल उनका वजन 60.95 किलोग्राम दर्ज किया गया है।

डॉक्टरों ने क्या बताया?

मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक के शरीर में पानी की मात्रा फिलहाल संतोषजनक है और उनकी मानसिक स्थिति सामान्य बनी हुई है।

जारी रिपोर्ट के अनुसार:

Weight: 60.95 किलोग्राम
Weight Loss: लगभग 6 किलोग्राम
Blood Pressure: 112/70 mmHg
Heart Rate: 72 बीट प्रति मिनट
Blood Sugar: 67 mg/dL

डॉक्टर लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हैं।

AISA के कार्यकर्ता भी अनिश्चितकालीन अनशन पर

विरोध प्रदर्शन के दौरान All India Students’ Association (AISA) के कई सदस्य भी अलग मंच से भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। संगठन के अनुसार, जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश अली की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें Ram Manohar Lohia Hospital में भर्ती कराया गया। बताया गया कि उनका Blood Sugar घटकर 46 mg/dL तक पहुंच गया था।

AISA ने कहा कि उसके पांच अन्य कार्यकर्ता—नेहा, मनीष, ऋषिकेश, दीपक और आमीन—अब भी अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं।

7 जुलाई को पहुंचेगा संयुक्त किसान मोर्चा

Samyukt Kisan Morcha (SKM) ने घोषणा की है कि उसका एक प्रतिनिधिमंडल 7 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेगा। संगठन ने कहा कि छात्रों को पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए तथा परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जानी आवश्यक है।

सरकार पर लगाए सवाल

कॉजपा (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि हर गुजरते दिन के साथ सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि वांगचुक के स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी।

प्रधानमंत्री को लिखा गया Open Letter

कॉजपा ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को एक Open Letter भी भेजा है। पत्र में कथित Paper Leak मामलों और छात्रों की आत्महत्याओं के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।