Amidst Sonam Wangchuk's hunger strike, the movement has taken a new turn; electoral system reform will now also become a major issue.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे NEET Protest के बीच आंदोलन ने नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के भूख हड़ताल में शामिल होने के बाद Cockroach Janata Party (CJP) ने साफ कर दिया है कि अब यह अभियान केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन ने घोषणा की है कि आगे Election System Reform, Voter List और चुनावी जवाबदेही जैसे मुद्दों को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया जाएगा।
जंतर-मंतर पर शुरू हुई Hunger Strike
रविवार को सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की जरूरत है।
आंदोलन अब केवल NEET तक सीमित नहीं
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ NEET Exam या शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, आने वाले समय में Electoral Reforms, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और चुनावी जवाबदेही को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कई लोग इस आंदोलन को केवल परीक्षा विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि इसका उद्देश्य व्यवस्था से जुड़े व्यापक सुधारों की मांग करना है।
Election System में सुधार की मांग
अभिजीत दीपके का कहना है कि संगठन चुनाव लड़े या नहीं, लेकिन Election System में सुधार के लिए लगातार आवाज उठाएगा। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन विषयों पर भी व्यापक चर्चा और सुधार की आवश्यकता है।
“शिक्षा मेरे दिल के सबसे करीब” – Sonam Wangchuk
सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा का विषय उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है। उनके अनुसार शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि युवाओं का भविष्य और देश का निर्माण करना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते संबंधित संस्थाएं लोगों की चिंताओं को गंभीरता से सुनतीं, तो इस तरह के आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ती। लोकतंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शांतिपूर्ण विरोध एक वैध माध्यम है।
राजघाट से जंतर-मंतर तक
भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दोनों जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए।
अन्य मामलों को भी मिला मंच
प्रदर्शन के दौरान विभिन्न राज्यों से आए छात्र, अभिभावक और सामाजिक संगठनों ने भी अपनी शिकायतें उठाईं। इनमें एक छात्रा के परिवार ने भी न्याय की मांग दोहराई। परिजनों का आरोप है कि मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है और जांच प्रक्रिया लंबित है।