‘Minab 168’ Controversy: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में उठी इस शब्द की गूंज, जानिए पूरा मामला

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही US-Iran Peace Talks एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। स्विट्जरलैंड में आयोजित तकनीकी स्तर की बातचीत के दौरान अचानक तनाव बढ़ गया, जब ईरान ने बातचीत के इस दौर को “Minab 168” नाम से संबोधित किया और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बैठक से वॉकआउट कर दिया।

क्या है ‘Minab 168’?

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, “Minab 168” एक प्रतीकात्मक नाम है, जिसे ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ता से जोड़कर इस्तेमाल किया है। इसका संदर्भ कथित तौर पर एक सैन्य हमले से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया कि टॉमहॉक मिसाइल स्ट्राइक के दौरान ईरान के मिनाब क्षेत्र में एक स्कूल प्रभावित हुआ और लगभग 168 छात्राओं की मौत हो गई थी।

ईरान इस घटना को “ऐतिहासिक ट्रॉमा” के रूप में देखता है और इसलिए इस शांति वार्ता को यह नाम देकर अपना विरोध दर्ज करा रहा है।

स्विट्जरलैंड में क्यों रुकी बातचीत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्विट्जरलैंड में चल रही इस बहुपक्षीय बैठक के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए कुछ बयानों और कथित “ट्रंप की धमकी” के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बैठक बीच में छोड़ दी।

हालांकि, बाद में बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई। तकनीकी स्तर पर negotiations (वार्ता) जारी रखी गई, लेकिन चारों पक्ष एक साथ एक ही टेबल पर नहीं बैठे।

कौन-कौन शामिल था वार्ता में?

इस US-Iran dialogue में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मौजूद थे—

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडी वेंस कर रहे थे
साथ में जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी मौजूद थे
ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ शामिल थे
मध्यस्थता की भूमिका कतर निभा रहा था
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ भी स्विट्जरलैंड में मौजूद रहे
किन मुद्दों पर हो रही थी बातचीत?

वार्ता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, जिनमें शामिल हैं—

ईरानी तेल निर्यात (Iran Oil Exports)
जब्त ईरानी संपत्तियों की वापसी
होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और समुद्री आवागमन
क्षेत्रीय स्थिरता और तनाव कम करने के उपाय

तनाव कैसे बढ़ा?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, बातचीत के दौरान अमेरिका की ओर से दिए गए एक बयान ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। इसी वजह से ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसे माहौल में आगे बातचीत करना संभव नहीं है।

हालांकि, बाद में संकेत मिले कि तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रहेगी, लेकिन उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक फिलहाल रोक दी गई है।

“Minab 168” सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि ईरान की तरफ से एक political message and protest symbol के रूप में देखा जा रहा है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अमेरिका-ईरान संबंधों में भरोसे की कमी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है, और शांति वार्ता के बावजूद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।