7 MPs including Raghav Chadha left AAP, what is the whole political drama?
AAP crisis ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी के कई बड़े Rajya Sabha MPs के इस्तीफे और BJP join करने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इस घटनाक्रम के केंद्र में Arvind Kejriwal और Raghav Chadha जैसे प्रमुख नेता हैं।
Meeting क्यों नहीं हो पाई?
सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल ने नाराज सांसदों को मनाने के लिए उन्हें अपने आवास पर बैठक के लिए बुलाया था। उन्होंने यहां तक प्रस्ताव दिया कि अगर सांसद असंतुष्ट हैं तो वे इस्तीफा दे सकते हैं और भविष्य में उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा।
लेकिन यह बैठक होने से पहले ही बागी सांसदों ने अपना फैसला ले लिया और resignation के साथ BJP join करने का ऐलान कर दिया। यही वजह रही कि प्रस्तावित meeting कभी हो ही नहीं सकी।
इन सभी नेताओं ने एक साथ कदम उठाते हुए पार्टी से दूरी बना ली।
बगावत की शुरुआत कैसे हुई?
बताया जा रहा है कि party rebellion की शुरुआत तब हुई जब राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप-नेता पद से हटाकर Ashok Mittal को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद नाराजगी बढ़ती गई और अन्य सांसद भी उनके साथ जुड़ते चले गए।
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और अब पहले जैसी नहीं रही।
Operation Lotus का आरोप
AAP ने इस पूरे घटनाक्रम को Operation Lotus करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि Bharatiya Janata Party (BJP) विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए ऐसी रणनीति अपनाती है।
दूसरी ओर, BJP ने इन सांसदों का स्वागत करते हुए इसे उनका व्यक्तिगत निर्णय बताया।
AAP के लिए बड़ा संकट
यह घटनाक्रम political crisis के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि AAP के कई प्रमुख रणनीतिक चेहरे एक साथ पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पार्टी के संगठन और भविष्य की रणनीति पर असर पड़ सकता है।कुल मिलाकर, AAP crisis 2026 पार्टी के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। Raghav Chadha rebellion, BJP join और Operation Lotus controversy ने राजनीति को गर्मा दिया है। अब देखना होगा कि Arvind Kejriwal leadership इस संकट से कैसे उबरती है।