Uttarakhand Politics: Cabinet Expansion के बाद भी Ministers बिना आवास

उत्तराखंड में हाल ही में हुए cabinet expansion के बाद एक दिलचस्प स्थिति सामने आई है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की सरकार में नए मंत्रियों को भले ही सत्ता में जगह मिल गई हो, लेकिन अब तक उन्हें government accommodation (सरकारी आवास) नहीं मिल पाया है।
शपथ लिए एक महीना बीत चुका है, फिर भी कई मंत्री official bungalow allotment का इंतजार कर रहे हैं।

 Cabinet Entry के बाद भी ‘गृह प्रवेश’ नहीं

20 मार्च को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में Khajan Das, Ram Singh Kaida, Madan Kaushik, Pradeep Batra और Bharat Chaudhary को कैबिनेट में शामिल किया गया था।
इन मंत्रियों को विभाग तो मिल गए और वे सक्रिय रूप से काम भी कर रहे हैं, लेकिन Yamuna Colony (Dehradun) में स्थित सरकारी कोठियों का आवंटन अब तक नहीं हुआ है।

 Delay की सबसे बड़ी वजह: जर्जर बंगलों की हालत

सूत्रों के अनुसार, इस देरी के पीछे मुख्य कारण है कि यमुना कॉलोनी के कई VIP bungalows की हालत खराब है।

कई आवास repair और maintenance के दौर से गुजर रहे हैं

कुछ कोठियां रहने लायक स्थिति में नहीं हैं

राज्य संपत्ति विभाग इन्हें जल्द तैयार करने में जुटा है

यही वजह है कि नए मंत्री फिलहाल private या temporary accommodation से काम चला रहे हैं।

 Allotment Process में भी देरी

Khajan Das और Madan Kaushik ने साफ कहा है कि उन्हें अभी तक official allotment letter नहीं मिला है।
जब तक विभाग की ओर से आदेश जारी नहीं होता, तब तक वे सरकारी आवास में शिफ्ट नहीं हो सकते।

 Name Plate लगी, लेकिन Entry बाकी

दिलचस्प बात यह है कि यमुना कॉलोनी की चर्चित R-2 कोठी पर Pradeep Batra की नेम प्लेट लग चुकी है।
हालांकि, अभी तक वे वहां शिफ्ट नहीं हुए हैं। उनके स्टाफ के अनुसार, जल्द ही शिफ्टिंग हो सकती है, लेकिन आधिकारिक आदेश पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

 उठ रहे सवाल: तैयारी पहले क्यों नहीं?

इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि:

जब cabinet expansion पहले से तय था, तो bungalow maintenance पहले क्यों नहीं किया गया?

VIP आवासों का नियमित रखरखाव क्यों नहीं हुआ?

यह स्थिति प्रशासनिक तैयारी पर भी सवाल खड़े कर रही है।

 प्रशासनिक असहजता की स्थिति

करीब एक महीने से बिना सरकारी आवास के काम कर रहे मंत्रियों के लिए यह स्थिति असहज मानी जा रही है।

मंत्री अपने विभागों में सक्रिय हैं

महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं लेकिन बुनियादी सुविधा (official residence) का अभाव है

 आगे क्या?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सभी मंत्रियों को जल्द आवास मिल पाएगा या नहीं।
हालांकि, जिन कोठियों पर नेम प्लेट लग चुकी है, वहां early shifting की संभावना जताई जा रही है। बाकी आवासों को पूरी तरह रहने योग्य बनाने में अभी और समय लग सकता है।