Latest Update: Firecracker factory accident becomes the biggest industrial disaster of the year
तमिलनाडु के Virudhunagar district में रविवार को एक firecracker factory blast ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस भीषण explosion में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज Government Medical College Hospital में जारी है, जहां कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा Kattanarpatti area में स्थित एक निजी पटाखा निर्माण इकाई में हुआ। दोपहर के समय हुए इस धमाके की आवाज लगभग 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
घटना के तुरंत बाद Fire and Rescue Services की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं, जबकि मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम भी चल रहा है।
प्रशासन के अनुसार, धमाके के समय फैक्ट्री में करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। जोरदार विस्फोट के कारण इमारत का एक हिस्सा ढह गया, जिससे कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि raw materials (कच्चे माल) के बीच घर्षण से आग लगी, जिसने कुछ ही सेकंड में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और बड़ा धमाका हो गया।
इस फैक्ट्री में अलग-अलग कमरों में पटाखे बनाने का काम किया जाता था। रिपोर्ट के अनुसार, छुट्टी होने के बावजूद कुछ मजदूर बाहर के हिस्से में काम कर रहे थे, जहां यह हादसा हुआ।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने संबंधित मंत्रियों को मौके पर पहुंचकर rescue operation की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही इसी जिले के Vembakottai area में एक और firecracker factory accident हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों ने industrial safety norms और factory regulations पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इससे पहले 13 अप्रैल को Sattur area में भी एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान गई और तीन लोग घायल हो गए थे।
तमिलनाडु में बार-बार हो रहे firecracker factory blasts यह संकेत देते हैं कि safety measures और compliance standards को और सख्ती से लागू करने की जरूरत है। यह हादसा न केवल एक industrial tragedy है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि लापरवाही की कीमत कितनी भारी हो सकती है।