Banbhoolpura Encroachment: प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की बड़ी तैयारी

उत्तराखंड के Haldwani में रेलवे जमीन पर बसे परिवारों के rehabilitation process को तेज कर दिया गया है। Supreme Court of India के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने पुनर्वास के लिए विशेष कैंप आयोजित करने का फैसला लिया है।

प्रशासन के अनुसार, 20 से 31 मार्च के बीच शहर के छह अलग-अलग स्थानों पर special assistance camps लगाए जाएंगे, जहां प्रभावित परिवारों को PM Awas Yojana application भरने में मदद दी जाएगी।

5300 से अधिक परिवार होंगे लाभान्वित

Banbhoolpura Haldwani क्षेत्र में रेलवे जमीन पर अतिक्रमण हटाने के मामले में लगभग 5300 परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं।

प्रशासन का उद्देश्य है कि इन सभी पात्र परिवारों को housing scheme benefits दिलाए जाएं और पुनर्वास प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जाए।

20 से 31 मार्च तक चलेंगे पुनर्वास कैंप

अधिकारियों के मुताबिक, जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण मिलकर 20 मार्च से 31 मार्च तक पुनर्वास से जुड़े कैंप आयोजित करेंगे। इन कैंपों में लोगों को Prime Minister Awas Yojana (PMAY) के तहत आवेदन करने और जरूरी दस्तावेज जमा करने में सहायता दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन पर जोर

रविवार को Haldwani में जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, रेलवे और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि Supreme Court orders compliance पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए।

इन 6 स्थानों पर लगाए जाएंगे कैंप

पुनर्वास के लिए शहर के छह प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां rehabilitation camps आयोजित होंगे:

Haldwani Railway Station

Anjuman Islamia Girls Junior High School Kidwai Nagar

Government Primary School Banbhoolpura

Government Girls Inter College Banbhoolpura

Government Inter College Banbhoolpura

Madrasa Nainital Public School Banbhoolpura

इन स्थानों पर प्रशासन की टीम लोगों को housing scheme registration और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करेगी।

31 मार्च तक रिपोर्ट देने की तैयारी

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव Pradeep Kumar Mani Tripathi के अनुसार प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पात्र परिवारों तक पहुंचकर 31 मार्च तक पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी ली जाएगी मदद

जिलाधिकारी Lalit Mohan Rayal ने निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी मदद ली जाए।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग inter-department coordination के साथ काम करें ताकि पुनर्वास प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरी हो सके।