Ayodhya News: New darshan schedule from Navratri, 20 lakh devotees expected on Ram Navami
Ayodhya Ram Mandir Update: चैत्र Navratri 2026 से अयोध्या में स्थित Ram Mandir Ayodhya में रामलला के दर्शन की समय-सारिणी में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
नए शेड्यूल के अनुसार अब श्रद्धालु सुबह 6 बजे से Ram Lalla Darshan कर सकेंगे। दर्शन समय में बदलाव के कारण मंदिर में होने वाली श्रृंगार आरती (Shringar Aarti) का समय भी बदल दिया गया है, जो अब भोर में 5:30 से 5:50 बजे के बीच संपन्न होगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे के कारण VIP पास बंद
चैत्र नवरात्र के पहले दिन वर्ष प्रतिपदा से ही अयोध्या में Ram Navami Mela की शुरुआत होगी। इसी दिन भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu के अयोध्या आगमन का कार्यक्रम भी तय किया गया है।
इस वजह से उस दिन VIP Darshan Pass जारी नहीं किए जाएंगे। सामान्यतः सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दो-दो घंटे के स्लॉट में जो Sugam Darshan Pass और Vishisht Darshan Pass जारी किए जाते हैं, वे भी इस दिन उपलब्ध नहीं होंगे।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार जो online VIP passes पहले से जारी हो चुके हैं, उन्हें भी स्वतः निरस्त माना जाएगा।
आरती पास को लेकर चल रहा विचार-विमर्श
मंदिर प्रशासन के अनुसार Mangala Aarti, Shringar Aarti और Shayan Aarti Pass को लेकर अभी विचार-विमर्श जारी है।
भीड़ की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन की सहमति से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
रामनवमी पर उमड़ सकती है 15–20 लाख श्रद्धालुओं की भीड़
चैत्र नवरात्र के दौरान अयोध्या में Ram Navami Festival को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस दौरान लगभग 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। खासतौर पर सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलती है।
रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे रामलला के प्राकट्योत्सव के बाद श्रद्धालु दर्शन कर वापस लौटते हैं। इसी वजह से अंतिम दिनों में कई बार मंदिर के कपाट देर रात तक खुले रखे जाते हैं।
श्रीराम जानकी महायज्ञ का शुभारंभ
अयोध्या में स्थित राम मंदिर की यज्ञशाला में Shri Ram Yantra स्थापना और Shri Ram Naam Mandir अनुष्ठान के तहत Shri Ram Janaki Mahayagya का भी आयोजन शुरू हो गया है।
वेदाचार्यों के अनुसार इस सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लगभग 1 लाख 60 हजार आहुतियां दी जाएंगी। यह यज्ञ चतुर्वेदों के मंत्रों के साथ संपन्न किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत भाग ले रहे हैं।