Why not a 21-day session? Yashpal Arya raised the demand for legislative accountability.
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (Bhararisain) में 9 मार्च से पांचवीं विधानसभा का Budget Session 2026 शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण से प्रस्तावित है।
इसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में एक भी सोमवार को सीधे तौर पर Question Hour का सामना नहीं किया है।
Question Hour को लेकर विवाद
कांग्रेस का आरोप है कि परंपरागत रूप से सोमवार का दिन मुख्यमंत्री के प्रश्नकाल के लिए निर्धारित माना जाता रहा है, लेकिन इस बार भी राज्यपाल का अभिभाषण उसी दिन रखा गया है।
यशपाल आर्य का कहना है कि यह कदम विपक्ष के सवालों से बचने की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक विधानसभा के केवल 32 कार्य दिवस हुए हैं, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
40 विभागों का जिम्मा, जवाबदेही से परहेज?
आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास 40 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे में विपक्ष का यह अधिकार है कि वह उन विभागों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार Legislative Accountability से बचने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री वित्त मंत्री भी हैं, इसलिए Budget Discussion के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
21 दिन के सत्र की मांग
कांग्रेस ने Budget Session को कम से कम 21 दिन तक आयोजित किए जाने की मांग की है। आर्य का कहना है कि चार दिन का समय Budget Debate और Department-Wise Discussion के लिए पर्याप्त नहीं है।
उनके अनुसार, सीमित अवधि का सत्र लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करता है।
कांग्रेस किन मुद्दों को उठाएगी?
विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह सत्र में कई जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को उठाएगा, जिनमें शामिल हैं:
विद्यालय विहीन शिक्षक और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी
आपदा प्रभावितों को राहत
राज्य में अवरुद्ध विकास कार्य
किसान आत्महत्या और MSP से जुड़ी समस्याएं
महिलाओं पर उत्पीड़न की घटनाएं
अल्पसंख्यक, दलित और कमजोर वर्गों पर अत्याचार
राज्य की बिगड़ती Law and Order स्थिति
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है क्योंकि उसके पास ठोस उत्तर नहीं हैं।
राजनीतिक माहौल गर्म
9 मार्च से शुरू होने वाला यह Uttarakhand Assembly Budget Session सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष Budget Presentation और अपनी उपलब्धियों को सामने रखने पर फोकस कर रहा है।
आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।