‘हम केरल के खिलाफ नहीं’: Vipul Shah ने High Court फैसले के बाद दी सफाई
केरल हाईकोर्ट द्वारा फिल्म की रिलीज पर लगी रोक हटाए जाने के बाद ‘The Kerala Story 2 Goes Beyond’ के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि फिल्म न तो केरल राज्य के खिलाफ है और न ही वहां के लोगों के खिलाफ। उनके मुताबिक, यह फिल्म केवल कुछ आपराधिक तत्वों को उजागर करती है, न कि किसी राज्य या समुदाय को बदनाम करती है।
क्या कहा Vipul Shah ने?
मीडिया से बातचीत में शाह ने कहा कि केरल एक सुंदर और आस्था से जुड़ा प्रदेश है। अगर वहां कुछ गलत हो रहा है तो उसे सामने लाना समाज के हित में है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि फिल्म में केरल या उसके लोगों को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। उनका कहना है कि दर्शक जब पूरी फिल्म देखेंगे, तो उन्हें यह स्पष्ट हो जाएगा।
Kerala High Court का ताजा आदेश
Kerala High Court की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें फिल्म की स्क्रीनिंग 15 दिनों के लिए स्थगित की गई थी।
जस्टिस सुष्रुत अरविंद धर्माधिकारी और पी.वी. बालकृष्णन की पीठ ने कहा कि सिंगल जज ने पूरी फिल्म देखे बिना केवल कुछ क्लिपिंग्स के आधार पर निर्णय दिया था, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जब एक बार CBFC Certificate जारी हो चुका है, तो यह माना जाएगा कि सभी दिशा-निर्देशों और सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया है।
CBFC और Cinematograph Act पर कोर्ट की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि Central Board of Film Certification (CBFC) द्वारा प्रमाणन देते समय आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन किया गया है।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि फिल्म की रिलीज के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसे संभालना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी।
कोर्ट ने Cinematograph Act, 1952 के तहत तय सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि पूरी फिल्म के समग्र प्रभाव को ध्यान में रखकर प्रमाणपत्र दिया गया है।
आर्थिक नुकसान की दलील
अपील में विपुल शाह ने कहा था कि यदि फिल्म की रिलीज रोकी जाती है, तो निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान होगा। फिल्म को भारत में लगभग 1,500 थिएटरों और विदेश में 300 से अधिक स्क्रीन पर रिलीज किया जाना है।
उनके वकीलों ने अदालत में तर्क दिया कि फिल्म किसी राज्य या धार्मिक समुदाय को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं बनाई गई, बल्कि एक सामाजिक बुराई को दिखाने का प्रयास है।
अब आगे क्या?
डिवीजन बेंच के अंतरिम आदेश के बाद फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है और शो शुरू होने लगे हैं।
यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Expression), फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया और न्यायिक समीक्षा जैसे अहम कानूनी पहलुओं को फिर से चर्चा में ले आया है।