Samajwadi Party's new strategy: Will it challenge Congress by contesting the Assam elections?
Uttar Pradesh Assembly Election 2027 से पहले Samajwadi Party (SP) अपनी राजनीतिक रणनीति को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में दिखाई दे रही है। खबर है कि इस साल होने वाले Assam Assembly Elections में सपा अपने उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक Muslim-dominated seats पर करीब 10 उम्मीदवार उतारने की योजना पर आंतरिक चर्चा चल रही है। इस कदम के पीछे पार्टी का मकसद national political presence को मजबूत करना बताया जा रहा है।
National Party Status पाने की रणनीति
सपा के अंदर चल रहे मंथन में यह माना जा रहा है कि अलग-अलग राज्यों में चुनाव लड़ने से पार्टी को National Party Status हासिल करने में मदद मिल सकती है।
भारत के चुनावी नियमों के अनुसार किसी पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा पाने के लिए कम से कम चार राज्यों में 6% से अधिक वोट शेयर हासिल करना जरूरी होता है।
यही वजह है कि Akhilesh Yadav-led Samajwadi Party अब उत्तर प्रदेश से बाहर भी अपनी political footprint बढ़ाने की रणनीति बना रही है।
Congress के लिए बढ़ सकती है मुश्किल
अगर Samajwadi Party असम में चुनाव लड़ती है तो इसका असर Congress पर पड़ सकता है।
दरअसल Assam politics में कांग्रेस प्रमुख विपक्षी पार्टी है और इस बार वह सत्ता में वापसी के लिए काफी आक्रामक अभियान चला रही है। ऐसे में SP candidates के मैदान में उतरने से anti-BJP votes का बंटवारा हो सकता है।
Akhilesh Yadav खुद कर सकते हैं चुनाव प्रचार
पार्टी के भीतर इस बात पर भी चर्चा है कि SP Chief Akhilesh Yadav खुद Assam election campaign में हिस्सा ले सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे पार्टी को राज्य में पहचान बनाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा Akhilesh Yadav और TMC Chief Mamata Banerjee के अच्छे संबंधों को देखते हुए संभावित political coordination की भी चर्चा हो रही है।
दूसरे राज्यों में भी बढ़ रही SP की मौजूदगी
समाजवादी पार्टी पहले भी UP के बाहर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है।
Maharashtra Assembly में पार्टी के दो विधायक रह चुके हैं।
Gujarat Assembly से भी सपा का एक विधायक चुना जा चुका है।
ऐसे में अगर असम में पार्टी को राजनीतिक संभावना दिखाई देती है तो यह national expansion strategy आगे बढ़ सकती है।
UP Election 2027 को लेकर भी रणनीतिक दबाव
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह कदम UP Election 2027 से पहले Congress पर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकता है।
INDIA Alliance के तहत कांग्रेस भविष्य में उत्तर प्रदेश में ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है। ऐसे में दूसरे राज्यों में अपनी ताकत दिखाकर Samajwadi Party गठबंधन की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा जारी है और अंतिम फैसला अभी बाकी है।