Oracle Layoffs: Former employee claims senior employees and those with unvested stock were targeted
अमेरिकी टेक दिग्गज Oracle में हाल ही में हुई 30,000 कर्मचारियों की छंटनी को लेकर अब एक नया और गंभीर दावा सामने आया है। कंपनी की पूर्व कर्मचारी Nina Lewis, जिन्होंने Oracle में तीन दशक से ज्यादा समय तक काम किया, ने आरोप लगाया है कि layoffs किसी सामान्य restructuring का हिस्सा नहीं थे, बल्कि इसमें एक खास पैटर्न नजर आया।
उनका दावा है कि सीनियर individual contributors, mid-level managers और खासकर जिनके पास unvested stock options थे, उन्हें disproportionately निशाना बनाया गया।
34 साल Oracle में काम करने के बाद अचानक नौकरी गई
पूर्व कर्मचारी Nina Lewis ने LinkedIn पोस्ट में साझा किया अनुभव Oracle में करीब 34 साल तक काम कर चुकीं Nina Lewis, जो हाल तक Security Alert Manager के पद पर थीं, ने LinkedIn पर अपनी छंटनी का अनुभव साझा किया।
उन्होंने लिखा,
“Oracle में 34 साल (जिनमें से 33 साल शानदार रहे) बिताने के बाद, मैं भी आज निकाले गए लगभग 30,000 कर्मचारियों में शामिल हो गई हूं। यह मेरे लिए काफी बड़ा झटका था।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ-साथ कई बेहद प्रतिभाशाली और अनुभवी सहकर्मियों को भी बाहर कर दिया गया।
‘Layoff algorithm’ पर उठाया सवाल
दावा- सीनियर पदों और stock options वाले कर्मचारियों पर ज्यादा असर Nina Lewis की पोस्ट का सबसे चर्चित हिस्सा वह था, जिसमें उन्होंने layoffs के पीछे एक कथित “algorithm” होने की बात कही। उन्होंने लिखा कि ऐसा लगता है जैसे छंटनी की प्रक्रिया में खास तौर पर:
High-level individual contributors
Mid-level managers
और outstanding / unvested stock options रखने वाले कर्मचारियों
को ज्यादा निशाना बनाया गया।
उनका संकेत था कि यह फैसला सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य के financial liabilities कम करने की रणनीति भी हो सकता है।
दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
Nina Lewis के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई
हालांकि, यह भी साफ है कि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
अब तक Oracle की ओर से इस आरोप पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसलिए फिलहाल इसे एक पूर्व कर्मचारी का गंभीर आरोप माना जा रहा है, न कि officially confirmed तथ्य।
LinkedIn पर कई कर्मचारियों ने साझा किए समान अनुभव
कई प्रभावित कर्मचारियों ने भी जताई सहमति
Nina Lewis की पोस्ट के वायरल होने के बाद LinkedIn पर कई अन्य Oracle कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कई लोगों ने कहा कि layoffs में ऐसे कर्मचारियों को भी हटाया गया, जिनका performance record अच्छा था और जो लंबे समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए थे।
इससे यह चर्चा और तेज हो गई कि क्या Oracle ने छंटनी के दौरान अनुभव और compensation structure को ध्यान में रखकर निर्णय लिया।
Oracle layoffs: आखिर हुआ क्या?
एक ही दिन में 30,000 कर्मचारियों की छंटनी, पिछले 12 महीनों की सबसे बड़ी tech layoff
Oracle ने 1 अप्रैल को बड़े पैमाने पर layoffs की घोषणा की थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने लगभग 30,000 कर्मचारियों को बाहर किया, जो पिछले 12 महीनों में टेक सेक्टर की सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है।
यह संख्या Oracle के कुल workforce का करीब 19% बताई जा रही है।
किन विभागों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा?
Sales, HR, Engineering और Developer roles सबसे ज्यादा प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार, Oracle की layoffs का सबसे ज्यादा असर इन विभागों पर पड़ा:
Sales
Human Resources (HR)
Engineering
Developer roles
कई कर्मचारियों को 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे, अलग-अलग टाइम ज़ोन के हिसाब से, कंपनी नेतृत्व की ओर से ईमेल मिला जिसमें “broader organisational change” का हवाला दिया गया।
Performance नहीं, cost-cutting बताया गया कारण
रिपोर्ट- AI data centres के लिए फंड reallocating करना मकसद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle की यह छंटनी कर्मचारियों के performance की वजह से नहीं, बल्कि cost-cutting exercise का हिस्सा थी।
बताया जा रहा है कि कंपनी अपने संसाधनों और पूंजी को AI data centres और AI infrastructure expansion में झोंकना चाहती है।
यानी Oracle फिलहाल पारंपरिक workforce खर्च कम करके AI race में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
AI expansion के लिए Oracle की बड़ी तैयारी
Debt market से फंड जुटाने की योजना भी पहले सामने आ चुकी है
Oracle ने हाल के महीनों में AI infrastructure expansion को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है।
कंपनी ने पहले ही संकेत दिया था कि वह data centre expansion और AI capabilities को मजबूत करने के लिए बड़े निवेश की तैयारी कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
Oracle ने debt markets का सहारा लिया जनवरी में कंपनी ने 50 अरब डॉलर तक debt और equity जुटाने की योजना का ऐलान किया हालांकि, फिलहाल 2026 में और debt raise करने की नई योजना नहीं बताई गई है यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य की AI demand को ध्यान में रखते हुए भारी पूंजी निवेश कर रही है।
निकाले गए कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
US कर्मचारियों को severance package की पेशकश Oracle ने layoffs से प्रभावित कर्मचारियों को severance pay देने की भी पेशकश की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में स्थित कर्मचारियों को
4 हफ्ते की base salary
इसके अलावा हर अतिरिक्त साल की सेवा पर 1 हफ्ते का severance दिया जाएगा। हालांकि, कुल severance package को 26 हफ्तों तक सीमित बताया गया है। यह पैकेज कुछ कर्मचारियों के लिए राहत जरूर हो सकता है, लेकिन लंबे समय से कंपनी से जुड़े कर्मचारियों के लिए यह झटका कम नहीं माना जा रहा।
Oracle में कितने कर्मचारी थे?
2025 तक कंपनी में 1.62 लाख कर्मचारी थे
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 तक Oracle में कुल लगभग 1,62,000 कर्मचारी कार्यरत थे।
ऐसे में 30,000 कर्मचारियों की छंटनी कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी workforce restructuring में से एक मानी जा रही है।
क्या Oracle layoffs में stock liability कम करने की कोशिश हुई?
यही सवाल अब सबसे ज्यादा चर्चा में Nina Lewis के दावे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है किक्या Oracle ने उन कर्मचारियों को ज्यादा प्रभावित किया जिनके पास
unvested stock options थे?
अगर ऐसा हुआ है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि कंपनी ने सिर्फ salary cost नहीं, बल्कि future stock compensation burden भी कम करने की कोशिश की। हालांकि, जब तक कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट डेटा या आधिकारिक जवाब सामने नहीं आता, तब तक यह सिर्फ आरोप और आशंका के दायरे में रहेगा।
Oracle layoffs अब सिर्फ cost-cutting नहीं, ‘targeted exit’ की बहस में बदलते दिख रहे हैं
Oracle की 30,000 कर्मचारियों की छंटनी पहले ही टेक इंडस्ट्री में बड़ा मुद्दा बनी हुई थी।
अब पूर्व कर्मचारी के इस दावे ने बहस को और गहरा कर दिया है कि क्या layoffs सिर्फ restructuring थे या फिर इसमें senior talent और stock-linked employees को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।
फिलहाल यह मामला आधिकारिक पुष्टि से दूर जरूर है, लेकिन इतना तय है कि Oracle layoffs ने corporate transparency, employee trust और AI-driven cost restructuring पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।