पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में जनसभा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए।
मुख्य बिंदु:
EVM छेड़छाड़ का आरोप
ममता ने कहा कि वोटिंग के बाद सीआरपीएफ और केंद्रीय बलों की निगरानी में मशीन बदल सकते हैं।
उन्होंने समर्थकों से 24 घंटे निगरानी रखने और बूथ एजेंट्स को EVM की अच्छी तरह जांचने की सलाह दी।
चेतावनी दी कि मशीनों को हैक या बदलने की कोशिश हो सकती है।
SIR प्रक्रिया पर आपत्ति
ममता ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने-धमकाने और नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।
मुर्शिदाबाद से लगभग 500 अधिकारियों को हटाया गया, जिससे प्रशासनिक काम-काज प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
मतदाता सूची में बदलाव
पश्चिम बंगाल में मतदाता संख्या अब 7.04 करोड़ है, जबकि पहले यह 7.66 करोड़ थी।
लगभग 61 लाख नामों में बदलाव हुआ है।
ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, मतगणना 4 मई को।
मुख्य बात: ममता बनर्जी ने EVM सुरक्षा और मतदाता नामों में बदलाव पर चिंता जताते हुए चुनाव में निगरानी बढ़ाने की अपील की है।