Malegaon Political Controversy: डिप्टी मेयर के चैंबर में Tipu Sultan की तस्वीर से बवाल

महाराष्ट्र के मालेगांव (Malegaon, Maharashtra) में एक नई Political Controversy ने जोर पकड़ लिया है। नगर निगम की डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद द्वारा अपने आधिकारिक चैंबर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने के बाद सियासी घमासान शुरू हो गया है।

आमतौर पर सरकारी कार्यालयों में महात्मा गांधी, राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाने की परंपरा रही है। ऐसे में Tipu Sultan की तस्वीर लगाए जाने को लेकर विपक्षी दलों और खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है।

BJP का तीखा हमला

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (शहजाद जय हिंद) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीर साझा करते हुए इसे ‘नायकों का अपमान’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गांधीजी और डॉ. आंबेडकर जैसी हस्तियों की तस्वीर न लगाकर एक विवादित ऐतिहासिक शख्सियत को प्रमुख स्थान देना गलत संदेश देता है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक तस्वीर का नहीं, बल्कि Maharashtra Politics में विचारधारा और पहचान की राजनीति से जुड़ा मुद्दा है। पार्टी ने इसे Vote Bank Politics और ‘Islamic State mindset’ से जोड़कर भी हमला बोला।

SP नेता का जवाब: Tipu Sultan थे Freedom Fighter

विवाद बढ़ने के बाद डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें यह तस्वीर उपहार में मिली थी और उन्होंने इसे सम्मान के तौर पर लगाया है।

उनका दावा है कि टीपू सुल्तान को कई इतिहासकारों ने ब्रिटिश शासन और East India Company के खिलाफ संघर्ष करने वाला शासक माना है। उन्होंने कहा कि Tipu Sultan एक Freedom Fighter थे और उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सैन्य तकनीक, मिसाइल तकनीक और प्रशासनिक सुधारों में अहम भूमिका निभाई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं लगती।

गठबंधन की राजनीति और नगर निगम समीकरण

डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद समाजवादी पार्टी से जुड़ी हैं। उन्हें सपा और इस्लाम पार्टी (Indian Secular Largest Assembly of Maharashtra) के गठबंधन के समर्थन से चुना गया। 84 सदस्यीय सदन में गठबंधन को 43 वोट प्राप्त हुए।

मेयर पद पर शेख नसरीन खालिद का चयन हुआ, जबकि डिप्टी मेयर पद के लिए कांग्रेस का भी समर्थन मिला। इस पूरे घटनाक्रम ने BJP vs SP vs AIMIM के बीच सियासी बयानबाजी को और तेज कर दिया है।

Tipu Sultan Debate फिर सुर्खियों में

इतिहास में टीपू सुल्तान को लेकर पहले भी मतभेद रहे हैं। एक पक्ष उन्हें ब्रिटिश विरोधी योद्धा और आधुनिकीकरण का समर्थक बताता है, तो दूसरा पक्ष उन्हें विवादित शासक के रूप में देखता है।

मालेगांव की यह घटना एक बार फिर Tipu Sultan Debate, Identity Politics और Historical Narrative Controversy को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ले आई है।