Mahapanchayat in Dehradun: Tikait attacks the government over Divyanshu murder case
Dehradun News: दिव्यांशु हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को देहरादून में बड़ा protest और mahapanchayat आयोजित की गई। यह महापंचायत भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य था—दिव्यांशु हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय, और उत्तराखंड में बढ़ते crime व drug menace पर सख्त कार्रवाई की मांग।
दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के बाद शाम को भाकियू की ओर से बनाई गई 12 सदस्यीय कमेटी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। वार्ता के बाद सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
आशारोड़ी चेकपोस्ट पर सुबह से जुटने लगे किसान
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार सुबह से ही आशारोड़ी चेकपोस्ट पर किसानों और समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया था। प्रशासन को पहले से महापंचायत की जानकारी थी, इसलिए police-administration ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त तैनाती की।
करीब दोपहर के समय राकेश टिकैत वहां पहुंचे और सबसे पहले दिव्यांशु को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंच से law and order, youth safety, और drug abuse जैसे मुद्दों पर सरकार और प्रशासन को घेरा।
टिकैत ने क्या मांगे रखीं?
महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने साफ कहा कि दिव्यांशु हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि राज्य में तेजी से बढ़ रहे नशे के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
उनका कहना था कि मामला केवल एक छात्र की हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और खासकर युवाओं की security and future से जुड़ा मुद्दा है। टिकैत ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अगर शिक्षा नगरी माने जाने वाले देहरादून में भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है।
CM धामी से वार्ता के बाद क्या निकला?
दिनभर चले विरोध और प्रशासन से बातचीत के बाद शाम को 12-member delegation मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने दिव्यांशु हत्याकांड से जुड़े मुद्दे, आरोपियों की गिरफ्तारी, नशे के खिलाफ कार्रवाई और शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी।
मुख्यमंत्री की ओर से मामले में concrete action का आश्वासन दिया गया। इसी के बाद भाकियू ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया। हालांकि, संगठन की ओर से संकेत दिए गए कि यदि कार्रवाई तेज नहीं हुई, तो आगे आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
फरार आरोपियों पर इनाम बढ़ेगा, कुर्की की भी तैयारी
महापंचायत के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र सिंह डोबाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों और भाकियू नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि दिव्यांशु हत्याकांड में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी के अनुसार:
फरार आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है
उनके खिलाफ non-bailable warrants (गैर जमानती वारंट) लिए जा चुके हैं
अगला कदम property attachment / कुर्की की कार्रवाई हो सकती है
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस जांच में सामने आए सभी लोगों के खिलाफ strict legal action लिया जाएगा।
‘जब बच्चे ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो यहां पढ़ाकर क्या फायदा’
महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत का एक बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि अगर उत्तराखंड में पढ़ने आने वाले बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं, तो अभिभावक सोचने पर मजबूर होंगे कि उन्हें यहां क्यों भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि Dehradun education hub के रूप में जाना जाता है और यहां देशभर से छात्र पढ़ने आते हैं। ऐसे में अगर यहां crime, violence और drug culture का असर बढ़ेगा, तो इसका सीधा असर राज्य की छवि और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।
टिकैत ने कहा कि अगर लोग उत्तराखंड की अच्छी शिक्षा का प्रचार कर सकते हैं, तो यहां की कमियों पर सवाल उठाना भी जरूरी है।
उत्तराखंड में बढ़ते नशे और अपराध पर टिकैत का हमला
राकेश टिकैत ने उत्तराखंड, खासकर देहरादून में बढ़ते drug abuse और organized crime पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन चाहे, तो शहर में illegal liquor, drug peddling और ऐसे नेटवर्क पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
उनका कहना था कि राजधानी में युवाओं के बीच hookah bars, नशे की पहुंच और असामाजिक गतिविधियों का फैलाव चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि:
हुक्का बार्स पर सख्त कार्रवाई हो
युवाओं तक नशे की पहुंच रोकी जाए
शिक्षण संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए
law enforcement को और प्रभावी बनाया जाए
टिकैत ने यूपी मॉडल की तारीफ, उत्तराखंड को दी नसीहत
महापंचायत के दौरान टिकैत ने law and order model को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और वहां की पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का डर होना चाहिए और उत्तराखंड को भी ऐसा माहौल बनाना होगा, जहां असामाजिक तत्व खुलकर न घूम सकें।
उनका कहना था कि अगर राज्य को सुरक्षित, शिक्षित और पर्यटन के लिए बेहतर बनाना है, तो public safety, traffic discipline, और criminal control पर समान रूप से काम करना होगा।
पुराने चर्चित मामलों का भी किया जिक्र
राकेश टिकैत ने अपने भाषण में देहरादून और उत्तराखंड के पुराने चर्चित अपराध मामलों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि ऐसे मामलों ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया और यह दिखाया कि law and order reforms पर लगातार काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो इससे न सिर्फ स्थानीय लोग प्रभावित होंगे, बल्कि tourism, education reputation, और राज्य की overall image पर भी असर पड़ेगा।
लंगर और सामुदायिक समर्थन भी दिखा
महापंचायत में पहुंचे लोगों के लिए गुरुद्वारा साहिब की ओर से लंगर की व्यवस्था भी की गई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों को कढ़ी-चावल प्रसाद वितरित किया गया।
इससे यह भी साफ हुआ कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक या संगठनात्मक नहीं, बल्कि सामाजिक समर्थन और सामुदायिक भागीदारी का भी रूप ले चुका था।
Divyanshu Murder Case अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उत्तराखंड में student safety, law and order, और drug control जैसे बड़े सवालों का प्रतीक बनता जा रहा है। देहरादून में हुई BKU Mahapanchayat ने यह संदेश दिया कि जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि visible action चाहती है।
राकेश टिकैत के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के बाद सरकार और पुलिस पर दबाव जरूर बढ़ा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या दिव्यांशु को न्याय दिलाने के लिए वाकई तेज और निर्णायक कार्रवाई होगी?