Jayalalithaa के करीबी OPS अब Stalin के साथ, क्या है अंदर की कहानी?

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए O Panneerselvam (OPS) ने आखिरकार Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) का दामन थाम लिया। कुछ ही दिन पहले उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री J Jayalalithaa की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि वे न तो किसी पार्टी में शामिल होंगे और न ही नई पार्टी बनाएंगे। लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों ने तेजी से करवट ली और वे DMK में शामिल हो गए।

Assembly Polls से पहले सीमित होते विकल्प

75 वर्षीय वरिष्ठ नेता OPS के सामने Tamil Nadu Assembly Elections से पहले विकल्प तेजी से कम हो रहे थे। पहले वे All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के प्रमुख चेहरों में रहे, लेकिन आंतरिक गुटबाजी और नेतृत्व विवाद ने उनकी वापसी के रास्ते बंद कर दिए।

सूत्रों के मुताबिक, OPS की AIADMK में दोबारा एंट्री की कोशिशें नाकाम रहीं। पार्टी के महासचिव Edappadi K Palaniswami (EPS) ने साफ संकेत दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। लंबे समय से चल रहे factional rivalry और political differences इसकी बड़ी वजह माने जा रहे हैं।

NDA में वापसी की कोशिश और असफल रणनीति

AIADMK का रास्ता बंद होने के बाद OPS ने National Democratic Alliance (NDA) में वापसी के विकल्प तलाशे। वे पहले Bharatiya Janata Party (BJP) के साथ गठबंधन में रह चुके हैं।

2024 के Lok Sabha elections के दौरान उन्होंने Ramanathapuram से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में NDA के समर्थन से चुनाव लड़ा था। लेकिन इस बार वे केवल “Independent candidate with outside support” वाला मॉडल दोहराने के इच्छुक नहीं थे। वे formal political rehabilitation चाहते थे, जो उन्हें NDA के भीतर संभव नहीं दिख रहा था।

Stalin से मुलाकात और DMK से नजदीकी

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा पहले से थी कि OPS और M. K. Stalin के बीच बैकचैनल बातचीत चल रही है। करीब सात महीने पहले दोनों की मुलाकात Theosophical Society में मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी। बाद में चेन्नई के अलवरपेट स्थित आवास पर भी बातचीत हुई।

इन बैठकों को उस समय सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार माना गया था, लेकिन अब साफ है कि यह strategic political alignment की शुरुआत थी।

DMK को क्या फायदा?

DMK सूत्रों का दावा है कि OPS लगभग 15 सीटों पर marginal vote impact डाल सकते हैं—करीब 5,000 वोट प्रति सीट। खासकर Bodinayakanur (Bodi) सीट पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

सूत्रों के अनुसार, DMK उन्हें एक सीट दे सकती है और उम्मीदवार के चयन का अधिकार Panneerselvam परिवार को दिया जा सकता है। यह तय होगा कि खुद OPS मैदान में उतरेंगे या अपने बेटे को उतारेंगे।

Tamil Nadu Politics में नया Realignment

OPS का यह कदम Tamil Nadu Politics में alliance arithmetic को नया रूप दे सकता है। AIADMK के भीतर जारी आंतरिक संघर्ष और NDA की रणनीतिक सीमाओं ने उन्हें DMK की ओर धकेला।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम दोनों पक्षों के लिए pragmatic recalibration है—

OPS के लिए political relevance बनाए रखने का अवसर

DMK के लिए social outreach और regional consolidation का मौका

आने वाले Assembly Elections में यह political realignment कितना असर डालता है, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन इतना तय है कि OPS का यह फैसला तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय खोल चुका है।