Iran vs USA: Trump's threat, Iran's strong response and toll on sea route
नई दिल्ली: USA और Iran के बीच बढ़ते geopolitical tensions के बीच Strait of Hormuz को खोलने को लेकर नई जटिल स्थिति पैदा हो गई है। शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran को 10-दिन का अल्टीमेटम याद दिलाते हुए कहा कि 48 घंटे के भीतर उन्हें समझौता करना होगा या रणनीतिक जलमार्ग खोलना होगा।
Trump का अल्टीमेटम
Trump ने कहा कि यदि Iran ने मंगलवार शाम तक Hormuz Strait नहीं खोला, तो उनके power plants और bridges सुरक्षित नहीं रहेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मंगलवार को ईरान के लिए “Power Plant Day और Bridge Day” होगा। उनके बयानों में अत्यंत सख्त भाषा का इस्तेमाल किया गया।
Iran का कड़ा जवाब
Iran ने Trump की धमकी पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि Hormuz Strait तभी खोला जाएगा जब ट्रांजिट टोल का एक हिस्सा युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। Iran के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी धमकियों और अपशब्दों से उनकी नीति प्रभावित नहीं होगी।
अमेरिका-Iran डील की संभावना
Trump ने Fox News को इंटरव्यू में कहा कि उन्हें लगता है कि सोमवार को Iran के साथ डील होने की संभावना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई और जल्दी नहीं हुई, तो अमेरिका सब कुछ तबाह कर देगा और तेल पर कब्जा कर लेगा।
Iran की चेतावनी और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
Iran की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि अमेरिका के लापरवाह कदम पूरे इलाके को “जल उठने” की स्थिति में ले आएंगे। उन्होंने आगे कहा कि असली समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और इस खतरनाक खेल को समाप्त करना है।
International Law और युद्ध अपराध
ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने Trump की धमकियों को civil infrastructure पर हमला और युद्ध अपराध की संभावना बताया। मिशन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सभी देशों का दायित्व है कि ऐसे नृशंस कृत्यों को रोकें।
India पर असर
अगर Hormuz Strait blockade जारी रहता है, तो India समेत कई देशों की fuel और fertilizer security पर गंभीर असर पड़ सकता है। भारत लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है ताकि जलमार्ग से ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।