Iran Missile Attack on Saudi Arabia: Prince Sultan Air Base बना टारगेट, 5 US Aircraft Damage
Middle East Conflict लगातार और खतरनाक होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान भी जोरदार counter attack कर रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह टकराव अब 15वें दिन में पहुंच चुका है और पूरे West Asia region में तनाव बेहद बढ़ गया है।
इसी बीच सऊदी अरब से एक बड़ी breaking news सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने Prince Sultan Air Base को निशाना बनाते हुए तेज़ मिसाइल और बम हमले किए। इस हमले में US Air Force के कई विमान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
Prince Sultan Air Base पर Iran Strike
मीडिया रिपोर्ट्स और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार ईरान ने सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base पर कई हमले किए। इस airstrike में वहां तैनात अमेरिकी वायुसेना के refueling aircraft (KC-135 type aircraft) को नुकसान पहुंचा है।
बताया जा रहा है कि कम से कम पांच अमेरिकी refueling aircraft damage हुए हैं। हालांकि ये विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और उन्हें मरम्मत के लिए भेज दिया गया है। अभी तक इस हमले में किसी के घायल होने या मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Western Iraq से Kuwait तक बढ़ा सैन्य तनाव
इससे पहले भी क्षेत्र में कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार Western Iraq में एक अमेरिकी KC-135 military aircraft crash हो गया था, जिसमें सवार छह क्रू मेंबर की मौत हो गई थी।
वहीं 1 मार्च को Kuwait में एक और बड़ा हादसा हुआ था। जानकारी के अनुसार US F-15 fighter jets गलती से friendly fire incident का शिकार हो गए। रिपोर्ट्स में कहा गया कि कुवैत के एक F-18 fighter jet ने गलती से तीन F-15 विमानों को निशाना बना दिया था। हालांकि इस घटना में सभी एयरक्रू सुरक्षित बच गए।
Middle East Conflict अपने चरम पर
पिछले दो हफ्तों से West Asia Crisis लगातार गहराता जा रहा है। इस तनाव की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर बड़े पैमाने पर किए गए हमलों के बाद हुई थी।
बताया जाता है कि इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की भी मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने इसे सीधी चुनौती मानते हुए retaliatory strikes शुरू कर दिए।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर missile attack और drone strike किए। इसके चलते पूरा Middle East security situation बेहद संवेदनशील हो गया है और इसका असर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ रहा है।