जयशंकर की West Asia कॉल: ईरान और Qatar से क्या हुई चर्चा?

नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) को ईरान (Iran) से कॉल आया और उन्होंने कतर (Qatar) व संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नेताओं से भी West Asia conflict और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी थी, जिससे West Asia geopolitical tensions और बढ़ गए हैं।

कॉल में क्या हुई चर्चा?

विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) और कतर के प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी (Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani) से टेलीफोन पर बातचीत की। हालांकि जयशंकर ने सोशल मीडिया पर ज्यादा विवरण नहीं साझा किया।

नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने बताया कि बातचीत में बिलैटरल रिलेशनशिप (bilateral relations), क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों (regional & international developments) पर विचार-विमर्श हुआ।

जयशंकर ने कहा,

“ईरान के विदेश मंत्री अराघची का फोन आया। मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।”

उन्होंने अल थानी और UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan) से भी West Asia की बदलती स्थिति (changing situation in West Asia) पर बातचीत की।

Trump की चेतावनी और Strait of Hormuz की चिंता

पश्चिम एशिया में तनाव इस समय इसलिए बढ़ा है क्योंकि Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz को फिर से naval navigation के लिए नहीं खोला गया, तो ईरानी बिजली संयंत्र और पुल निशाना बनाए जा सकते हैं।

भारत के लिए यह मार्ग बेहद अहम है क्योंकि West Asia भारत की energy imports का एक प्रमुख स्रोत है। ईरान द्वारा इस जलमार्ग को अवरुद्ध करने की स्थिति में global oil & gas prices पर असर पड़ सकता है।

भारत का फोकस: Energy Security और शांतिपूर्ण समाधान

भारत ने पिछले हफ्तों में diplomatic efforts तेज कर दिए हैं ताकि West Asia संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके और Strait of Hormuz से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो। जयशंकर ने बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया कि यदि यह मार्ग अवरुद्ध रहता है तो fuel & fertilizer security सहित कई देशों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।