नैनीताल में ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक कोठी जलकर राख, इलाके में हड़कंप

Nainital शहर के Sector 7 में स्थित British Era Glenmore Cottage आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर destroyed हो गया।

लकड़ी से निर्मित यह ऐतिहासिक भवन कुछ ही मिनटों में ढह गया।

भवन में आग लगने के समय ललित तिवारी और चंद्रा तिवारी अपने बेटे से मिलने गुरुग्राम गए थे, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।

आग से लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ और शहर की एक महत्वपूर्ण heritage site नष्ट हो गई।

आग और बचाव प्रयास

आग की उच्च लपटों के कारण दमकल विभाग की पानी की बौछारें बेअसर रही।

संकरी सड़कों के कारण large fire engines समय पर नहीं पहुँच सके।

छोटे टैंकर और जल संस्थान के टैंकर से पानी पहुँचाया गया, लेकिन तब तक भवन का अधिकांश हिस्सा जल चुका था।

स्थानीय लोगों ने साहस और समझदारी दिखाते हुए मुख्य भवन और आउटहाउस के बीच छत तोड़ दी, जिससे आग आगे फैलने से रुकी और बड़ा हादसा टला।

Possible Cause / आग लगने का कारण

प्रशासन का कहना है कि आग का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है।

शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन के पिछला हिस्सा नशेड़ियों का अड्डा था, जिससे आग जानबूझकर लगाई गई भी हो सकती है।

इतिहास और महत्व

Glenmore Cottage लकड़ी से निर्मित था और British architecture का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता था।

भवन में दो परिवार दशकों से रह रहे थे:

1969 से अनिल तिवारी का परिवार,

1982 से चंद्रशेखर जोशी का परिवार।

भवन के मालिक देवी दत्त जोशी और परिवार वर्तमान में Nainital से बाहर हैं।