Donald Trump hints at 'intervention' amid Afghanistan border conflict, praises Pakistan
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सीमा संघर्ष के बीच संभावित हस्तक्षेप के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे दखल देने पर विचार करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं हस्तक्षेप कर सकता हूं। लेकिन मेरे पाकिस्तान से बहुत अच्छे संबंध हैं। उनके पास एक बेहतरीन प्रधानमंत्री और एक शानदार जनरल हैं। वे दो ऐसे नेता हैं जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं। पाकिस्तान बहुत अच्छा कर रहा है।”
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार तनाव तेज हो गया है।
पाकिस्तान नेतृत्व की खुलकर तारीफ
ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की खुलकर प्रशंसा की। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने भी पाकिस्तान के प्रति समर्थन के संकेत दिए।
अमेरिकी विदेश विभाग की अंडर सेक्रेटरी Allison M. Hooker ने पाकिस्तान की विदेश सचिव Amna Baloch से बात कर हालिया संघर्ष में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तालिबान हमलों के खिलाफ पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है।
अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी
तनाव बढ़ने के बीच पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है।
एडवाइजरी में कहा गया कि संभावित आतंकी खतरों को देखते हुए पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। कानून प्रवर्तन केंद्र, सैन्य प्रतिष्ठान और बड़े व्यावसायिक केंद्र संभावित निशाने हो सकते हैं। अमेरिकी नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों और व्यस्त समय में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
संघर्ष कैसे बढ़ा?
स्थिति तब और बिगड़ गई जब पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमले किए। यह पहला मौका था जब पाकिस्तान ने तालिबान नियंत्रित शहरों को सीधे निशाना बनाया।
पाकिस्तान ने इन हमलों के बाद इसे “खुला युद्ध” करार दिया। दोनों पक्षों ने हताहतों की जानकारी दी है, हालांकि स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो सकी है। पाकिस्तान के अनुसार उसके 12 सैनिक मारे गए, जबकि अफगानिस्तान ने 13 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया।
अफगानिस्तान में तालिबान के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने कहा कि वे मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहते हैं।
संयुक्त राष्ट्र और कतर की पहल
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने हिंसा पर गहरी चिंता जताई और तत्काल युद्धविराम की अपील की। उन्होंने दोनों पक्षों से कूटनीति के जरिए मतभेद सुलझाने का आग्रह किया।
इस बीच, Qatar भी एक बार फिर मध्यस्थता की कोशिशों में जुटा है, क्योंकि आशंका है कि यह संघर्ष और अधिक भड़क सकता है।
ईरान पर भी जताई नाराजगी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ जारी वार्ताओं पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं खुश नहीं हूं कि वे हमें वह नहीं दे रहे जो हमें चाहिए। आगे क्या होगा, यह भविष्य की बातचीत तय करेगी।”
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर 2,600 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में बढ़ता यह संघर्ष अब वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।