Crude Oil Prices Hike: 30 महीनों के High पर पहुंचा कच्चा तेल, क्या बढ़ेंगे Petrol-Diesel Prices?

Middle East war tension के बढ़ने के साथ ही वैश्विक energy market में उथल-पुथल मच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमतें ट्रेडिंग के दौरान करीब 94.51 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो पिछले लगभग 30 महीनों (ढाई साल) का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।

हालांकि इस स्तर को छूने के बाद कीमतों में थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि global oil supply chain पर युद्ध का असर बना रहा तो बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती है।

8 दिनों में 35% की तेज उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेजी केवल सामान्य उतार-चढ़ाव नहीं बल्कि एक बड़ा रिकॉर्ड मानी जा रही है। Petroleum Planning and Analysis Cell (PPAC) की रिपोर्ट के अनुसार Indian Basket crude oil price 5 मार्च 2026 को बढ़कर 93.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।

हैरानी की बात यह है कि फरवरी 2026 में Indian Basket crude oil की औसत कीमत केवल 69.01 डॉलर प्रति बैरल थी। यानी कुछ ही दिनों में लगभग 35.35% की भारी वृद्धि दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि Middle East conflict के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे global crude oil market में अचानक तेजी देखने को मिल रही है।

क्या भारत के लिए बढ़ रही है चिंता?

भारत दुनिया के सबसे बड़े crude oil importers में से एक है और अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है।

ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी भारत के import bill को हजारों करोड़ रुपये तक बढ़ा सकती है।

तेल की कीमतों में हालिया उछाल से भारत के trade deficit, foreign exchange reserves और inflation rate पर भी दबाव बढ़ सकता है।

Petrol-Diesel Prices पर क्या पड़ेगा असर?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में petrol price और diesel price बढ़ सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार इसके संभावित असर इस प्रकार हो सकते हैं:

1. Fuel price hike का दबाव
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में crude oil price 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है, तो सरकारी तेल कंपनियां यानी Oil Marketing Companies (OMCs) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 से 7 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दे सकती हैं।

2. महंगाई बढ़ने का खतरा
डीजल महंगा होने से transportation और logistics cost बढ़ जाती है। इसका असर सीधे food prices, फल-सब्जियों और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है।

सरकार के पास क्या हैं विकल्प?

केंद्र सरकार के अनुसार फिलहाल भारत के पास पर्याप्त crude oil reserves मौजूद हैं, इसलिए तत्काल चिंता की स्थिति नहीं है।

यदि कीमतों में और बढ़ोतरी होती है तो सरकार के पास दो विकल्प हो सकते हैं:

Excise Duty कम करके जनता को राहत देना

या फिर fuel prices को market-linked रहने देना

फिलहाल सरकार “wait and watch” strategy पर काम कर रही है क्योंकि geopolitical tensions का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है।

क्या होली के बाद मिल सकता है झटका?

इस समय Delhi, Mumbai और अन्य बड़े शहरों में petrol-diesel prices स्थिर बने हुए हैं। लेकिन अगर Middle East war लंबा खिंचता है और global crude oil prices ऊंचे स्तर पर बने रहते हैं, तो Holi के बाद fuel prices में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।