Celebrating colors with soldiers serving away from their families, an emotional moment
होली का पर्व जहां आम लोगों के लिए परिवार और दोस्तों के साथ जश्न का अवसर होता है, वहीं देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए यह दिन भी ड्यूटी का ही होता है। ऐसे खास मौके पर Pushkar Singh Dhami लोहाघाट में स्थित Indo-Tibetan Border Police (ITBP) की 36वीं वाहिनी के बीच पहुंचे और हिमवीरों के साथ Holi Celebration किया।
यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भावनाओं और सम्मान से भरा एक ऐसा अवसर था जिसने जवानों का मनोबल (Morale Boost) बढ़ा दिया।
कठिन हालात में डटे रहते हैं Himveers
लोहाघाट और आसपास के सीमांत क्षेत्र भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। ऊंचाई, कड़ाके की ठंड और दूरस्थ इलाकों के बीच ITBP जवान चौकसी में तैनात रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये हिमवीर सिर्फ सीमा की सुरक्षा नहीं कर रहे, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास की रक्षा भी कर रहे हैं। Extreme Weather Conditions और Tough Terrain में उनकी तैनाती देश के लिए गर्व की बात है।
Festival पर भी Duty First
होली जैसे त्योहार पर जब अधिकांश लोग अपने घरों में होते हैं, तब ये जवान परिवार से दूर Border Security में लगे रहते हैं। CM Dhami ने इसे “राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण” बताया।
उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए परिवार से दूर रहना बहुत बड़ा त्याग (Sacrifice) है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
रंगों के बीच देशभक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को होली की शुभकामनाएं दीं, उपहार भेंट किए और उनसे आत्मीय संवाद किया। माहौल उत्साह, सम्मान और देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा।
यह Holi Celebration केवल एक त्योहार नहीं था, बल्कि सैनिकों और राज्य नेतृत्व के बीच Mutual Trust और Solidarity का प्रतीक बन गया।
Government Support और Welfare Commitment
CM Dhami ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के Welfare, बेहतर सुविधाओं और उनके परिवारों की देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है। Border Areas Development और Security Infrastructure को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
Devbhoomi से Patriotism का संदेश
Uttarakhand को वीरों की भूमि कहा जाता है, जहां से बड़ी संख्या में युवा सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा देते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा Symbolic Importance भी रखता है।
संदेश स्पष्ट था—त्योहार कोई भी हो, National Security सर्वोपरि है। और जो जवान इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं, उनका सम्मान और मनोबल बढ़ाना हम सबका कर्तव्य है।