Artificial Intelligence vs Delhi Traffic: Former British PM's comment sparks debate
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit के दौरान एक सत्र थोड़ी देरी से शुरू हुआ। इस देरी की जिम्मेदारी लेते हुए ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Rishi Sunak ने हल्के अंदाज में Delhi Traffic पर टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि Artificial Intelligence बहुत कुछ कर सकती है, लेकिन फिलहाल दिल्ली के ट्रैफिक को कम करना उसके लिए भी आसान नहीं है।
सत्र की शुरुआत में उन्होंने कहा कि देरी उनकी वजह से हुई और इसके लिए उन्होंने खेद जताया। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में जोड़ा कि AI कई जटिल समस्याओं का समाधान दे सकती है, मगर Delhi Traffic जैसी चुनौती अभी भी कठिन बनी हुई है।
AI Transformation पर चर्चा के लिए भारत की सराहना
Rishi Sunak ने AI Impact Summit के मंच से भारत की सराहना करते हुए कहा कि Artificial Intelligence और AI Transformation जैसे विषयों पर चर्चा के लिए भारत से बेहतर स्थान मुश्किल है। उनका मानना है कि AI का लाभ केवल विकसित देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Developing Countries को भी इससे बड़ा फायदा हो सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि Technology Policy और AI Governance पर नियमित Global Forum होना चाहिए, जहां देश आपसी सहयोग से रणनीति तैयार कर सकें। उनके अनुसार, भारत ने Digital Infrastructure और Innovation Ecosystem के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया है, जो AI Leadership के लिए जरूरी है।
AI सबके लिए होना चाहिए
अपने संबोधन में Sunak ने कहा कि Artificial Intelligence का विकास Inclusive होना चाहिए। AI केवल बड़ी कंपनियों या कुछ देशों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ आम जनता तक पहुंचे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI Implementation के लिए बड़े Talent Pool, मजबूत Digital Public Infrastructure और Supportive Technology Environment की जरूरत होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने AI Adoption को लेकर सकारात्मक और आशावादी दृष्टिकोण अपनाया है। जहां कई Western Countries में AI को लेकर चिंता और Regulation पर ज्यादा ध्यान है, वहीं भारत में Innovation और Opportunity पर अधिक जोर दिखाई देता है।
Global AI Debate: तकनीक से आगे रणनीति तक
Sunak ने कहा कि Global AI Debate अब केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि तकनीक क्या कर सकती है, बल्कि यह इस पर केंद्रित हो चुकी है कि देश इस तकनीक का उपयोग किस दिशा में करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, AI Strategy अब राष्ट्रीय नीतियों का अहम हिस्सा बन चुकी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए AI अब कोई हाशिए का विषय नहीं रहा, बल्कि Government Responsibility का केंद्रीय मुद्दा बन गया है। Technology Leadership केवल नए आविष्कारों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि उसे समाज में किस तरह लागू किया जाता है।
भारत की मजबूत स्थिति
Rishi Sunak ने कहा कि भारत के पास Skilled Workforce, मजबूत Digital Infrastructure और Technology-Friendly Population जैसी कई विशेषताएं हैं। इन आधारों पर भारत AI Ecosystem में अग्रणी भूमिका निभा सकता है और Large-Scale Deployment का उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है।
AI Impact Summit के इस सत्र में जहां Delhi Traffic पर की गई उनकी टिप्पणी ने माहौल को हल्का बनाया, वहीं Artificial Intelligence के भविष्य और Global Collaboration पर उनके विचारों ने गंभीर नीति चर्चा को भी दिशा दी।