Admission in Ayurveda Pharmacy, Panchakarma and Naturopathy Courses up to 42 years now
उत्तराखंड सरकार ने Ayurveda Pharmacist बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में Ayurveda Pharmacy Course समेत कई पारंपरिक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ा दी गई है।
पहले इन कोर्सों में admission के लिए 17 से 25 वर्ष की age limit तय थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 17 से 42 वर्ष कर दिया गया है।
इस फैसले से उन युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी, जो किसी कारण से पहले इन कोर्सों में दाखिला नहीं ले पाए थे और अब Ayurveda, Panchakarma, Naturopathy जैसे क्षेत्रों में career बनाना चाहते हैं।
किन courses में बढ़ी Age Limit?
सरकार की मंजूरी के बाद जिन प्रमुख courses में admission age limit बढ़ाई गई है, उनमें शामिल हैं:
Ayurveda Pharmacy Course
प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) Course
Panchakarma Course
इन courses में अब 17 से 42 साल तक के अभ्यर्थी admission ले सकेंगे।
यह बदलाव खासतौर पर उन students, working youth, और career shift करने वाले candidates के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जो अब तक age criteria की वजह से बाहर हो जाते थे।
पहले क्या थी उम्र सीमा?
अब तक इन पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य संबंधी courses में admission के लिए minimum age 17 साल और maximum age 25 साल तय थी।
यानी 25 वर्ष की उम्र पार करने के बाद कई इच्छुक उम्मीदवार इन professional courses में प्रवेश नहीं ले पाते थे।
लंबे समय से इस नियम में बदलाव की मांग की जा रही थी, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार थे जो
पढ़ाई में gap होने,
पारिवारिक जिम्मेदारियों,
नौकरी,
या late career planning
की वजह से समय पर admission नहीं ले पाए थे।
अब सरकार के इस फैसले ने ऐसे सभी candidates के लिए रास्ता खोल दिया है।
किसने दी जानकारी?
भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड की रजिस्ट्रार नर्वदा गुसांई ने इस बदलाव की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि परिषद की ओर से शासन को Ayurveda Pharmacy Course admission age limit में बदलाव का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
यानी यह बदलाव केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस साल के admission session से ही लागू किया जाएगा।
यह बात खास है, क्योंकि इससे 2026 के admission cycle में ही बड़ी संख्या में नए candidates apply कर सकेंगे।
इस फैसले से किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?
सरकार के इस फैसले से कई तरह के उम्मीदवारों को सीधा लाभ मिलेगा:
1. Late starters
वे छात्र-छात्राएं जो पहले किसी कारण से professional course शुरू नहीं कर पाए।
2. Career switch करने वाले युवा
जो अब Ayurveda, wellness, pharmacy या natural healing field में आना चाहते हैं।
3. Working candidates
जो पहले job या family responsibilities की वजह से regular course नहीं कर पाए।
4. Rural and semi-urban youth
जहां career opportunities तक पहुंच देर से बनती है, वहां यह फैसला बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
5. Women candidates
कई बार शादी, परिवार या सामाजिक कारणों से higher studies delay हो जाती हैं। ऐसे में यह age relaxation महिलाओं के लिए भी राहत भरा कदम माना जा रहा है।
Ayurveda sector में career के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
पिछले कुछ वर्षों में Ayurveda, holistic health, natural therapy, wellness industry, Panchakarma treatment, herbal medicine जैसे क्षेत्रों में तेजी से रुचि बढ़ी है।
लोग अब traditional healthcare systems की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इसी वजह से Ayurveda-based education और jobs की demand भी बढ़ी है।
ऐसे में अगर age limit बहुत कम रखी जाती है, तो कई योग्य और इच्छुक उम्मीदवार इस क्षेत्र में आने से वंचित रह जाते हैं।
सरकार का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे
skilled manpower बढ़ेगी,
Ayurveda colleges में admission improve होगा,
और health education sector को भी फायदा मिलेगा।
लंबे समय से हो रही थी Age Relaxation की मांग
जानकारी के अनुसार, Ayurveda courses में age limit relaxation की मांग काफी समय से उठ रही थी।
कई युवाओं और शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना था कि 25 साल की upper age limit आज के समय में काफी कम है, खासकर तब जब लोग higher education, re-skilling और second career options की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि में परिषद ने सरकार को proposal भेजा और अब इसे मंजूरी मिल गई है।
यह फैसला इसलिए भी practical माना जा रहा है क्योंकि आज career paths पहले की तुलना में कहीं ज्यादा flexible हो चुके हैं।
Colleges को भी मिलेगा फायदा
यह बदलाव सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि Ayurveda colleges और training institutions के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है।
अक्सर age restrictions की वजह से कई seats भर नहीं पाती थीं या इच्छुक candidates apply ही नहीं कर पाते थे।
अब admission base बढ़ने से:
colleges में enrolment बढ़ सकता है
seats बेहतर तरीके से भर सकती हैं
और traditional medical education institutions को स्थिरता मिल सकती है
यानी यह फैसला students + institutions + healthcare education ecosystem — तीनों के लिए positive step माना जा सकता है।
क्या इस साल से ही लागू होगा नया नियम?
हाँ, यही इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत है।
रजिस्ट्रार की ओर से साफ किया गया है कि नई age limit को इसी साल के admission process में लागू किया जा रहा है।
इसका मतलब है कि अगर कोई उम्मीदवार पहले सिर्फ age limit की वजह से apply नहीं कर पा रहा था, तो अब वह नए नियमों के तहत आवेदन कर सकता है।
इसलिए admission notification, eligibility details और application dates पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
Ayurveda field में career opportunities क्या हैं?
बहुत से लोग केवल Ayurveda Pharmacist तक ही career को सीमित समझते हैं, जबकि इस क्षेत्र में opportunities काफी व्यापक हैं।
इन courses के बाद candidates के लिए कई career options खुलते हैं, जैसे:
Ayurveda Pharmacist
Herbal Medicine Assistant
Panchakarma Technician
Natural Therapy Support Staff
Wellness Centre Professional
Ayurvedic Hospital / Clinic Assistant
Pharmacy & Dispensary Roles
Therapy and Rehabilitation Support
इसके अलावा future में private practice support, wellness centres, resorts, health retreats और alternative medicine institutions में भी scope बढ़ रहा है।
छात्रों को अब क्या करना चाहिए?
अगर आप या आपका कोई परिचित इन courses में admission लेना चाहता है, तो अब यह सही समय हो सकता है:
ध्यान रखें:
official admission notification check करें
eligibility criteria carefully पढ़ें
required documents पहले से तैयार रखें
age proof, educational qualification, category documents आदि अपडेट रखें
course और college options compare करें
Age limit बढ़ने के बाद competition भी बढ़ सकता है, इसलिए timely application महत्वपूर्ण होगा।
निष्कर्ष: उम्र नहीं, अब योग्यता और रुचि बनेगी असली पैमाना
उत्तराखंड सरकार का यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए राहत भरा है, जो Ayurveda Pharmacist, Panchakarma, या Naturopathy जैसे क्षेत्रों में career बनाना चाहते थे लेकिन age limit की वजह से पीछे रह जाते थे।
अब 17 से 42 साल तक admission की अनुमति देकर सरकार ने यह साफ संकेत दिया है कि career की शुरुआत केवल कम उम्र में ही नहीं, बल्कि सही समय पर भी की जा सकती है।
सीधे शब्दों में कहें तो —
अब Ayurveda field में entry के लिए उम्र नहीं, आपकी रुचि और तैयारी ज्यादा मायने रखेगी।