अखिलेश के ‘भैया’ वाले नारे पर ओवैसी का पलटवार, मुजफ्फरनगर दंगों का किया जिक्र

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर की जनसभा से समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। रविवार रात बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में आयोजित सभा में ओवैसी ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ‘भैया आ रहे हैं’ जैसे नारे सुनाई देते हैं, लेकिन जब उनकी सरकार आई थी तब प्रदेश में कितने दंगे हुए, इसका भी हिसाब होना चाहिए।

मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र कर साधा निशाना

ओवैसी ने अपने भाषण में 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि हिंसा के बाद करीब 50 हजार लोग अपने घरों और गांवों से विस्थापित हुए थे। उन्होंने इस घटना को अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल से जोड़ते हुए सपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह संख्या और राजनीतिक संदर्भ ओवैसी के बयान के रूप में रिपोर्ट किए गए हैं।

‘जनप्रतिनिधियों से विकास का हिसाब मांगें’

एआईएमआईएम प्रमुख ने मुस्लिम मतदाताओं से शिक्षा, रोजगार, विकास और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों से सवाल करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दल मुस्लिम समाज से समर्थन मांगते हैं, लेकिन शिक्षा और रोजगार समेत अन्य मुद्दों पर पर्याप्त काम नहीं हुआ।

ओवैसी ने ‘बी टीम’ कहे जाने को लेकर भी विपक्षी दलों पर सवाल उठाए और पूछा कि अगर उनकी पार्टी को ऐसा कहा जाता है तो उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी है।

2 अक्टूबर तक गठबंधन पर फैसला

कानपुर की सभा में ओवैसी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा को दोबारा सरकार बनाने से रोकने की इच्छा रखने वाले गैर-भाजपा दल एआईएमआईएम के साथ हाथ मिला सकते हैं। ओवैसी के मुताबिक, उनकी पार्टी 2 अक्टूबर तक इंतजार करेगी और इसके बाद गठबंधन को लेकर फैसला तथा घोषणा की जाएगी।

अभी किसी संभावित गठबंधन का अंतिम स्वरूप घोषित नहीं हुआ है। इसलिए ओवैसी की घोषणा को फिलहाल एआईएमआईएम के राजनीतिक प्रस्ताव के तौर पर देखा जा रहा है।

बर्रा कब्रिस्तान के मुद्दे पर सरकार को घेरा

ओवैसी ने कानपुर के बर्रा इलाके में कब्रिस्तान से जुड़ी कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने कब्रिस्तान की जमीन पर कार्रवाई की गई और इस मामले में स्थानीय स्तर पर पर्याप्त आवाज नहीं उठाई गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ओवैसी ने इस मुद्दे को अपनी कानपुर सभा में प्रमुखता से उठाया था।

युवाओं को लेकर भी दिया संदेश

ओवैसी ने अपने भाषण में युवाओं की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश का भविष्य युवाओं के हाथ में होगा और उन्हें अपने अधिकारों तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुस्लिम समाज की राजनीतिक आवाज को मजबूत करने की बात भी कही।

कानपुर की यह सभा ऐसे समय हुई है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी गतिविधियां तेज कर रहे हैं। एआईएमआईएम की ओर से भी प्रदेश में संगठन और संभावित गठबंधन को लेकर सक्रियता बढ़ाई गई है।