क्या सच में पन्नू की हत्या की साजिश रची गई? US Court में भारतीय मूल के आरोपी का बड़ा कबूलनामा

भारतीय मूल के निखिल गुप्ता ने अमेरिका की अदालत में चल रहे Assassination Plot Case में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। उस पर सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले की सुनवाई न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी ने Murder Conspiracy, Supari Killing, Money Laundering जैसे गंभीर आरोपों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, उसने यह भी संकेत दिया कि उसने यह काम किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर किया था।

क्या भारत सरकार का कोई अधिकारी शामिल?

इस केस को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई थी, क्योंकि आरोपों में यह भी दावा किया गया कि कथित साजिश किसी सरकारी कर्मचारी के कहने पर रची गई। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि भारत सरकार का कोई भी अधिकारी इस मामले में शामिल नहीं है।

26 मई को अगली सुनवाई, 40 साल तक की सजा संभव

न्यूयॉर्क की अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 26 मई को निर्धारित है। अमेरिकी कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपी दोषी करार दिया जाता है, तो उसे अधिकतम 40 वर्ष तक की सजा हो सकती है। यह मामला Federal Charges के तहत चल रहा है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है।

परिवार ने आर्थिक दबाव को बताया कारण

इस बीच आरोपी के परिवार ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि कानूनी लड़ाई की भारी लागत और बढ़ते आर्थिक दबाव के चलते उसने जुर्म कबूल किया। बताया गया कि प्राइवेट वकीलों की फीस अत्यधिक थी, जिसके बाद उसने सरकारी वकील की मदद ली और फिर अदालत में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

चेक रिपब्लिक से गिरफ्तारी, अमेरिका में ट्रायल

निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया, जहां से उसके खिलाफ Legal Proceedings शुरू हुईं। आरोपपत्र में उसे कथित रूप से एक Hitman बताया गया है, जिसे 15 हजार डॉलर की रकम हत्या के लिए दी गई थी।

विकास यादव का नाम भी आया सामने

जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने यह काम विकास यादव नामक व्यक्ति के कहने पर किया। हालांकि आरोपी ने शुरुआत में इस व्यक्ति को जानने से इनकार किया था। पहले उसने सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताया था, लेकिन अब अदालत में उसने अपना बयान बदल लिया है।

Transnational Repression का मामला?

अमेरिकी एजेंसियों ने इस मामले को Transnational Repression की श्रेणी में रखा है। उनका कहना है कि यदि किसी अमेरिकी नागरिक को निशाना बनाया जाता है, तो कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भारत में पन्नू की गतिविधियों पर विवाद

गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत में पहले से ही विवादित रहा है। उस पर कई बार उग्र और भड़काऊ बयान देने तथा भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। भारत में उसे आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामलों में चिन्हित किया गया है।