Budget Session में नया राजनीतिक संकट — स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा

संसद के Budget Session के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दल Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ No-Confidence Motion लाने की रणनीति बना रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर का रवैया biased रहा है और विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब Rahul Gandhi speech controversy in Parliament को लेकर कई दिनों से हंगामा जारी है।

Budget Session के दूसरे चरण में आ सकता है प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार विपक्ष Budget Session second phase में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सकता है। संसदीय नियमों के तहत इसके लिए 20-day notice period जरूरी होता है।

विपक्ष ने स्पीकर पर कई आरोप लगाए हैं, जैसे:

विपक्षी सांसदों को बोलने की अनुमति न देना

सत्ता पक्ष को कथित special privilege मिलना

महिला सांसदों का नाम लेकर टिप्पणी करना

आठ विपक्षी सांसदों का पूरे सत्र के लिए suspension

इन मुद्दों को लेकर संसद में लगातार political confrontation देखने को मिल रहा है।

राहुल गांधी को बोलने से रोकने पर बढ़ा विवाद

Motion of Thanks debate के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख MM Naravane memoir reference का हवाला देते हुए India-China standoff और Doklam issue पर सवाल उठाए थे।
सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसके बाद स्पीकर ने राहुल गांधी को आगे बोलने की अनुमति नहीं दी।

राहुल गांधी ने इसे parliamentary tradition violation बताते हुए कहा कि national security issues पर चर्चा से रोकना चिंता का विषय है।

इस घटना के बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के दौरान कागज फेंके जाने की घटना के बाद आठ सांसदों को session-long suspension का सामना करना पड़ा। इसके बाद से सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।

प्रधानमंत्री मोदी को सदन में आने से रोकने वाले बयान पर विवाद

विवाद उस समय और बढ़ गया जब स्पीकर ओम बिरला ने खुलासा किया कि उन्होंने Prime Minister Narendra Modi को लोकसभा में आने से रोका था।
उनके अनुसार उन्हें ऐसी जानकारी मिली थी कि कुछ सांसद प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचकर unexpected incident कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री को Motion of Thanks reply देना था, लेकिन अंतिम समय में उनका संबोधन टाल दिया गया।
स्पीकर के इस बयान को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे serious parliamentary controversy बताया।